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गरà¥à¤ में शिशॠके सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ होने के लेकर हर मां के मन में कई तरह की आशंकाà¤à¤‚ रहती हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में मिल रहे कà¥à¤› संकेतों की मदद से आप जान सकती हैं कि गरà¥à¤ में बचà¥â€à¤šà¤¾ सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ है या नहीं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान मां को à¤à¤¸à¥‡ कई संकेत मिलते हैं जो ये बताते हैं कि गरà¥à¤ के अंदर शिशॠबिलà¥â€à¤•à¥à¤² सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ है। वहीं गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠको किसी à¤à¥€ तरह के खतरे से बचाने के लिठयह जानना जरूरी है कि असà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ à¤à¥à¤°à¥‚ण से अलग सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ à¤à¥à¤°à¥‚ण के होने पर कà¥â€à¤¯à¤¾ संकेत मिलते हैं।
यदि à¤à¥à¤°à¥‚ण में कोई समसà¥â€à¤¯à¤¾ हà¥à¤ˆ तो मिसकैरेज हो सकता है। असà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠहोने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में मिसकैरेज होने का खतरा सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहता है और à¤à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी 20वें हफà¥à¤¤à¥‡ से पहले होता है।
अगर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को यहां बताठगठसंकेत मिल रहे हैं तो इसका मतलब है कि गरà¥à¤ में उनका शिशॠसà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ है।
शिशॠकी मूवमेंट
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के लगà¤à¤— पांच महीने के आसपास शिशॠगरà¥à¤ में मूव करना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है। छह महीने का गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠआवाज सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ पर मूवमेंट या à¤à¤Ÿà¤•े वाली मूवमेंट करने लगता है जो कि शिशॠको हिचकी आने का संकेत हो सकता है।
डिलीवरी के बाद पेटी की चरà¥à¤¬à¥€ कम करने के घरेलू उपाय
डिलीवरी के बाद बढ़ा हà¥à¤† पेट यानी बेली फैट महिलाओं को बहà¥à¤¤ परेशान करता है। अगर आप à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद पेट की चरà¥à¤¬à¥€ कम करने के घरेलू उपाय जानना चाहती हैं तो इस लेख को पूरा जरूर पढें।
जिम में पसीना बहाठबिना फैट कम करने का सबसे असरकारी और आसान तरीका है मालिश। मालिश से पेट की चरà¥à¤¬à¥€ कम होने में मदद मिलती है। ये फैट को रिलीज और वितरित करती है और मेटाबोलिजà¥â€à¤® में सà¥à¤§à¤¾à¤° लाती है जिससे बेबी फैट से छà¥à¤Ÿà¤•ारा मिलता है। हर सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ मालिश करवाने से आपको लाठहोगा।
24 घंटे शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² करने के लिठमां के शरीर को à¤à¥€ à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ की जरूरत होती है। पूरे दिन में हेलà¥â€à¤¦à¥€ सà¥â€à¤¨à¥ˆà¤•à¥â€à¤¸ खाकर आप अनहेलà¥â€à¤¦à¥€ कà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤‚ग से बच सकती हैं।
अपनी डायट में उचà¥â€à¤š फाइबर यà¥à¤•à¥â€à¤¤ चीजों को शामिल करें जिससे कि पेट ठीक तरह से साफ हो सके। ओटà¥à¤¸ खाà¤à¤‚ और हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° à¤à¤µà¤‚ रंग बिरंगी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, मसालों, गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी को अपनी डायट में शामिल करें à¤à¤µà¤‚ खूब पानी पिà¤à¤‚।
ये à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ योगासन है जिसमें डायफà¥à¤°à¤¾à¤® से हवा लेकर उसे à¤à¤¬à¥â€à¤¸ में रोक कर रखा जाता है। इस बà¥à¤°à¥€à¤¦à¤¿à¤‚ग à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ से पेट का ऊपरी और निचला हिसà¥â€à¤¸à¤¾ टोन होता है। सही पोसà¥â€à¤šà¤° में बैटने से पेट की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं और पाचन ठीक रहता है।
गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी में à¤à¤¸à¥‡ कई सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ ततà¥â€à¤µ होते हैं जो फैट को बरà¥à¤¨ करने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को तेज कर देते हैं। गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी में à¤à¤ªà¤¿à¤—ैलोसेटंचिन गैलेट नामक à¤à¤‚टीऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट होता है जो मेटाबोलिजà¥â€à¤® को दà¥à¤°à¥à¤¸à¥â€à¤¤ करता है। गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी से वजन कम करने में बहà¥à¤¤ मदद मिलती है।
डिलीवरी के बाद बेली फैट घटाने का सबसे असरदार नà¥à¤¸à¥â€à¤–ा है टमाटर। टमाटर बà¥â€à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रखता है जिससे कà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤‚ग कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रहती है। ये à¤à¥‚ख को à¤à¥€ कम करता है। टमाटर में लाइकोपिन और बीटा कैरोटीन à¤à¥€ होता है जो मेटाबोलिजà¥â€à¤® को तेज कर फैट को कम करता है।
रोज सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट दो से चार लहसà¥à¤¨ की कलियां चबाने से बेली फैट में कमी आती है। लहसà¥à¤¨ खाने के तà¥à¤°à¤‚त बाद नींबू पानी पीने से दोगà¥à¤¨à¤¾ फायदा होता है।
आधा चमà¥â€à¤®à¤š दालचीनी का पाउडर लें और उसे à¤à¤• गिलास गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में घोल लें। इसके बाद इस पानी को छानकर पी लें। इसका सà¥â€à¤µà¤¾à¤¦ बढ़ाने के लिठआप à¤à¤• चमà¥â€à¤®à¤š शहद à¤à¥€ मिला सकती हैं। इस पानी को सà¥à¤¬à¤¹ नाशà¥â€à¤¤à¥‡ से पहले और रात को सोने से पहले पिà¤à¤‚।
इसके अलावा करेले का जूस à¤à¥€ फैट घटाने का काम करता है। पेट को अंदर करने के लिठरोज सà¥à¤¬à¤¹ करेले का ताजा जूस पिà¤à¤‚।
सातवें महीने के आसपास शिशॠदरà¥à¤¦, आवाज और रोशनी पर à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देना शà¥à¤°à¥‚ कर सकता है। आठवें महीने के बाद शिशॠअकà¥â€à¤¸à¤° अपनी पोजीशन बदल लेते हैं और जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ किक मारते हैं। 9 महीने के गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠके पास गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में जगह कम होती है इसलिठइस समय डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° आपको शिशॠकी मूवमेंट जैसे कि कितनी बार किक मारता है और अनà¥â€à¤¯ बदलाव नोट करने के लिठकह सकते हैं।
पेट का आकार
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान समय गà¥à¤œà¤°à¤¨à¥‡ के साथ साथ महिलाओं के पेट के आकार में à¤à¥€ बदलाव आता है। यदि महिला का पेट पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के साथ बढ़ रहा है तो यह सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ का संकेत है। पेट का आकार तà¤à¥€ बढ़ता है जब गरà¥à¤ के अंदर शिशॠबढ़ रहा हो और उसका विकास हो रहा है।
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